नित मन तरसे
नित मन प्यासा
चित चकोर चहके
तन मन रोये
बूँद बूँद तरसे
बूँद बूँद प्यासा
सावन संदेसा सुन
मम मन गाए
नयन कर पाद झूमे नाचे
मोरे अंग अंग सुगन्धित
रोम रोम तोहरे गुण गाये
मन बेबस बावरा बन जावे
घनश्याम मेघ बन
मन-मोहन मन में
नीर समीर घने
अलबेला सजन आयो
बूंध बूंध विष चख-दिखे
कतरा कतरा कांप उठे
ह्रदय मुकुर फट फूटे
प्रलय अकाल टूट पड़े
कित घन बरसे
जित तुझ चाहे
मोरा ह्रदय आहे
मत मम चौकट आवे
मरू मरू लांघे
सूना सूना लागे
कंट -कांटा सूखे
कतई तुझ ढूंढ जावे
नित मन तरसे
नित मन प्यासा
चित चकोर चहके
तन मन रोये
बूँद बूँद तरसे
बूँद बूँद प्यासा
सावन सन्देशा सुन
मम मन गाए
नित मन प्यासा
चित चकोर चहके
तन मन रोये
बूँद बूँद तरसे
बूँद बूँद प्यासा
सावन संदेसा सुन
मम मन गाए
नयन कर पाद झूमे नाचे
मोरे अंग अंग सुगन्धित
रोम रोम तोहरे गुण गाये
मन बेबस बावरा बन जावे
घनश्याम मेघ बन
मन-मोहन मन में
नीर समीर घने
अलबेला सजन आयो
बूंध बूंध विष चख-दिखे
कतरा कतरा कांप उठे
ह्रदय मुकुर फट फूटे
प्रलय अकाल टूट पड़े
कित घन बरसे
जित तुझ चाहे
मोरा ह्रदय आहे
मत मम चौकट आवे
मरू मरू लांघे
सूना सूना लागे
कंट -कांटा सूखे
कतई तुझ ढूंढ जावे
नित मन तरसे
नित मन प्यासा
चित चकोर चहके
तन मन रोये
बूँद बूँद तरसे
बूँद बूँद प्यासा
सावन सन्देशा सुन
मम मन गाए

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