Sunday, August 24, 2014

Qutbi Tara




Aug 20, 2014




बेमंज़िल  सफर में
हमदम हमसफ़र
प्यासे मुसाफिर 
वसी रेगिस्तान
में मेरी  नख्लिस्तान
या क़ुतबी तारा


देर तो सही
लेकिन दुरुस्त
कभी गुमराह
पर अभी  मुस्तक़ीम

उम्मीद आश्ना तारा
राह दिखा दे मुझे मुस्तक़िल 

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